चंद्र पर्वत शुक्र पर्वत के नीचे स्थित होता है, सौन्दर्यप्रियता, आदर्शवादी, साहित्य, काव्य, और मानसिक तनाव का कारक ग्रह है, या हम ये भी कह सकते हैं कि यह पर्वत मन का कारक है कल्पना इसकी प्रिय साथी है, कोमलता, भावुकता, प्रकृति के प्रति लगाव आदि स्वाभाविक गुण होते है, यह अपनी ही दुनिया में मस्त रहतें हैं , यदि चंद्र पर्वत हाँथ में अच्छा उभार लिए है और अपने स्थान पर है तो ऐसा व्यक्ति प्रकृति- प्रेमी होगा, ऐसा व्यक्ति जीवन में कभी किसी को धोखा नहीं दे सकता, संसार के छल- धोखेबाजी, जलन, नफरत , आदि से कोसों दूर रहता है, ऐसे व्यक्ति प्रसिद्ध साहित्यकार, कलाकार, संगीत के जानकार होते है, ऐसा व्यक्ति मिलनसार और स्वतंत्र रूप से विचार करने में समर्थ होता है, एवं धार्मिक प्रवत्ति का होता है .